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Sunday, 2 February 2020

रोजगार के सवाल पर सीतारमण बोलीं- अगर कोई आंकड़ा बोल दूं- एक करोड़, फिर राहुल पूछेंगे कि 1 करोड़ नौकरियों का क्या हुआ? इसलिए नहीं बताया

नई दिल्ली.केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के नए प्रावधानों-ऐलानों को लेकर उठी कई तरह की आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की। रविवार को उन्होंने एक बार फिर इस बजट को रोजगार बढ़ाने वाला बताया, लेकिन रोजगार का कोई स्पष्ट आंकड़ा देने से परहेज बनाए रखा। पढ़िए निर्मला सीतारमण से भास्कर संवाददाता अनिरुद्ध शर्मा की बातचीत के प्रमुख अंश...

सवाल:आपने बजट में कई फैसलों का जिक्र किया, जिनसे रोजगार पैदा होने का दावा है। क्या बताएंगी कि कुल कितने और किस तरह के रोजगार आएंगे?
जवाब: हां, यह सही है कि रोजगार का कोई आंकड़ा नहीं दिया है। आप जो आंकड़ा मांग रहे हैं, वह आज बताना कठिन है। मान लीजिए कि आज मैं एक आंकड़ा बोल दूं-एक करोड़। फिर 15 महीने बाद राहुल गांधी पूछेंगे कि आपने एक करोड़ नौकरियों का कहा था, क्या हुआ? हालांकि, मैं आज एक आंकड़ा दे सकती हूं। फिर भी मैं तीन-चार महीने में स्थितियों के आकलन के बाद कोई नंबर बताना चाहूंगी। फिर उसके दो-तीन महीने के बाद आगे और नए नंबर बताने की स्थिति में होऊंगी। ये सब प्रक्रिया का मामला है।

सवाल:आयकरदाता दो विकल्प होने से दुविधा में हैं। विशेषज्ञ कह रहे कि नई कर प्रणाली से बचत नहीं होगी। इसे कैसे देखती हैं?
जवाब: अभी तक जितनी भी सरकारें आईं, वे कर प्रणाली में छूट पर छूट बढ़ाती गईं। छूटों का कोई वैज्ञानिक आधार भी नहीं है। दुनिया के किसी भी प्रगतिशील देश में ऐसी कर प्रणाली नहीं है। हमें इस दिशा में कदम भी उठाना था और लोगों पर दबाव भी नहीं डालना था, इसलिए करदाताओं के सामने दो विकल्प रखे हैं। करदाता चाहें तो बगैर छूट के कम टैक्स दें और बची हुई आय को अपने हिसाब से खर्च करें या उसकी बचत करें। वे चाहें तो छूटों का फायदा उठाते हुए पुरानी व्यवस्था में ज्यादा कर अदा करने का विकल्प जारी रख सकते हैं। प्रणाली को सुधारने की दिशा में यह कदम उठाना जरूरी है।

सवाल:आपने जीडीपी में 10% की सांकेतिक ग्रोथ का अनुमान लगाया है। क्या अब सांकेतिक ग्रोथ नया मानक होगा?
जवाब: कतई नहीं। अर्थशास्त्री हमेशा अर्थव्यवस्था को दोनों तरीके से ही देखते हैं।

सवाल:टैक्सपेयर चार्टर में क्या होगा?
जवाब: अभी सिर्फ तीन देश अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया करदाताओं को परेशान किए जाने से बचाने का अधिकार देते हैं। हम भी करदाताओं के अधिकारों को सुरक्षित रखने की दिशा में काम कर रहे हैं। जल्द चार्टर आएगा।



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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण। (फाइल)


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